प्रबंध समिति (Managing Committee): गठन, भूमिका और कार्यकाल

आम सभा साल में एक-दो बार मिलती है — पर समिति तो रोज़ चलती है। इस बीच सारा कामकाज कौन देखता है? प्रबंध समिति (Managing Committee / संचालक मंडल)। यह लेख बताता है कि यह क्या है, कैसे बनती है और क्या करती है।

प्रबंध समिति क्या है

यह आम सभा द्वारा चुने गए सदस्यों का समूह है, जो समिति का रोज़मर्रा का संचालन करता है और आम सभा के प्रति जवाबदेह रहता है। इसे संचालक मंडल, कार्यकारिणी या Board भी कहते हैं।

गठन (कैसे बनती है)

भूमिका — यह क्या-क्या करती है

💡 सीधा नियम: प्रबंध समिति मालिक नहीं, प्रतिनिधि है — वह सदस्यों की ओर से, सदस्यों के हित में काम करती है, और हर साल हिसाब देती है।

लेखांकन से नाता

प्रबंध समिति के हर निर्णय व मंज़ूरी का रिकॉर्ड (कार्यवृत्त) और उसका वित्तीय असर बही में साफ़ दिखना चाहिए — जैसे ऋण मंज़ूरी, capex, आरक्षित निधि आवंटन। यही पारदर्शिता ऑडिट में काम आती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रबंध समिति क्या है? — आम सभा द्वारा चुनी गई कार्यकारिणी, जो समिति का रोज़मर्रा संचालन करती है। इसे कौन चुनता है? — आम सभा (सभी सदस्य), एक सदस्य-एक वोट से। कार्यकाल कितना? — आम तौर पर 5 वर्ष; राज्य अधिनियम/उपविधि पर निर्भर। क्या यह समिति की मालिक है? — नहीं; यह सदस्यों की प्रतिनिधि है और आम सभा को जवाबदेह है।

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तीन बातें याद रखें

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