"केंद्रीय सहकारी समिति क्या है?", "राज्य सहकारी बैंक किसका बना होता है?" — ये सवाल अक्सर आते हैं। इसका जवाब सहकारिता के तीन-स्तरीय (federal) ढाँचे में छिपा है। एक बार यह समझ लें, तो पूरी व्यवस्था साफ़ हो जाती है।
| स्तर | कहाँ | सदस्य कौन | उदाहरण (साख) | उदाहरण (डेयरी) |
|---|---|---|---|---|
| प्राथमिक | गाँव/स्थानीय | व्यक्ति (किसान/सदस्य) | PACS | ग्राम दुग्ध समिति |
| केंद्रीय / ज़िला | ज़िला | प्राथमिक समितियाँ | ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCB) | ज़िला दुग्ध संघ |
| राज्य / शीर्ष (Apex) | राज्य | केंद्रीय समितियाँ | राज्य सहकारी बैंक (StCB) | राज्य दुग्ध फेडरेशन |
💡 सीधा नियम: हर ऊपरी स्तर का सदस्य व्यक्ति नहीं, बल्कि नीचे की समितियाँ होती हैं। यही सहकारी संघवाद (federal structure) है।
यह सबसे नीचे और सबसे ज़मीनी स्तर है। इसके सदस्य सीधे व्यक्ति होते हैं — किसान, दुग्ध-उत्पादक, उपभोक्ता। यहीं असली लेन-देन होता है: कर्ज़ बाँटना, दूध लेना, सामान बेचना। PACS (प्राथमिक कृषि साख समिति) इसकी सबसे जानी-पहचानी मिसाल है।
यह ज़िला स्तर पर होती है और इसके सदस्य प्राथमिक समितियाँ होती हैं (आम व्यक्ति नहीं)। यह प्राथमिक समितियों को कोष, प्रोसेसिंग या समन्वय देती है। जैसे ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक (DCCB) PACS को कर्ज़ देता है, और ज़िला दुग्ध संघ गाँव समितियों का दूध प्रोसेस करता है।
यह राज्य स्तर पर सबसे ऊपर होती है और इसके सदस्य केंद्रीय/ज़िला समितियाँ होती हैं। यह पूरे राज्य में नीति, कोष और विपणन का समन्वय करती है — जैसे राज्य सहकारी बैंक (StCB) या राज्य दुग्ध फेडरेशन (Amul का GCMMF इसी स्तर पर)।
⚠️ ध्यान दें: हर राज्य/क्षेत्र में तीनों स्तर हर जगह ज़रूरी नहीं — कहीं दो-स्तरीय ढाँचा भी होता है।
हर स्तर एक अलग सहकारी संस्था है, इसलिए हर स्तर अपनी अलग बही रखता है और अपना ऑडिट कराता है। ऊपरी संस्था को नीचे की समितियों के साथ लेन-देन (कर्ज़, अंश, अनुदान) साफ़ दर्ज करने होते हैं, और अक्सर फेडरेशन को तय प्रारूप में रिपोर्ट भी देनी होती है। (देखें: NABARD की भूमिका और NABARD व फेडरेशन रिटर्न।)
केंद्रीय सहकारी समिति क्या है? — ज़िला स्तर की समिति, जिसके सदस्य प्राथमिक समितियाँ होती हैं (जैसे DCCB)। राज्य सहकारी समिति क्या है? — राज्य स्तर की शीर्ष समिति, जिसके सदस्य केंद्रीय समितियाँ होती हैं (जैसे StCB)। प्राथमिक समिति में कौन सदस्य होते हैं? — सीधे व्यक्ति — किसान, उत्पादक या उपभोक्ता। क्या ऊपरी समिति में आम आदमी सदस्य बन सकता है? — आम तौर पर नहीं; उसका सदस्य नीचे की समिति होती है।
जुड़ी पढ़ाई: समिति के प्रकार (सेटअप) · NABARD की भूमिका · Amul व आणंद पैटर्न
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