NABARD व फेडरेशन रिटर्न: सहकारी समिति की रिपोर्टिंग
PACS और कई सहकारी समितियों को सिर्फ़ अपना हिसाब ही नहीं रखना होता — उन्हें NABARD, DCCB, संघ (फेडरेशन) और सहकारी विभाग को समय-समय पर रिपोर्ट/रिटर्न भी भेजने होते हैं। यह लेख इस रिपोर्टिंग को आसान बनाता है।
ये रिपोर्ट क्यों ज़रूरी
समिति की सेहत (कैपिटल, ऋण, वसूली, NPA) ऊपरी संस्थाओं तक पहुँचती है।
पुनर्वित्त/सहायता अक्सर इन्हीं रिपोर्टों पर निर्भर।
ग्रेडिंग व भविष्य की उधार-क्षमता पर असर।
आम तौर पर क्या-क्या रिपोर्ट होता है
सदस्य-वृद्धि (वित्तीय वर्ष की सीमा में)।
शेयर कैपिटल व रिज़र्व फंड।
ऋण-वितरण व वसूली%, NPA वर्गीकरण।
उधार-फंड (borrowings) व जमा।
कानूनी/संघ प्रपत्र (state व संस्था अनुसार)।
⚠️ हर राज्य व संस्था के प्रपत्र, तिथियाँ व सीमाएँ अलग होती हैं — अपनी समिति पर लागू मौजूदा प्रारूप व due-dates अपने सहकारी विभाग/संघ से पक्का करें। यह लेख तरीका समझाता है।
सही रिपोर्ट की नींव — सही खाते
ये सब रिपोर्ट आपके रोज़ के सही हिसाब से ही बनती हैं:
सदस्य/शेयर सही दर्ज → सदस्य-वृद्धि व कैपिटल रिपोर्ट सही।