"शेयर कैपिटल" सुनते ही अक्सर तीन शब्द उलझा देते हैं — अधिकृत, निर्गमित और चुकता। तीनों अलग हैं, और बैलेंस शीट पर सही आँकड़ा रखने के लिए इनका फर्क जानना ज़रूरी है। यह लेख इसे आसान भाषा में सुलझाता है।
| शब्द | मतलब |
|---|---|
| ऑथराइज़्ड कैपिटल | जुटाने की अनुमत ऊपरी सीमा (नियमों/पंजीकरण से) |
| इश्यूड कैपिटल | जितने शेयर सदस्यों को जारी/आवंटित किए |
| पेड-अप कैपिटल | जो राशि सदस्यों ने वास्तव में चुकाई |
💡 क्रम याद रखें: अधिकृत (सीमा) ≥ निर्गमित (जारी) ≥ चुकता (वसूल)।
मान लीजिए फेस वैल्यू ₹100, अधिकृत सीमा ₹10,00,000:
बैलेंस शीट पर कैपिटल पक्ष में पेड-अप कैपिटल ही असली आँकड़ा है।
⚠️ "ऑथराइज़्ड कैपिटल = समिति के पास पैसा" — यह गलत है। पैसा वही है जो चुकता हुआ।
समिति हर सदस्य को शेयर सर्टिफिकेट देती है — जिसमें नाम, शेयरों की संख्या व मूल्य होता है। यह सदस्य के स्वामित्व का सबूत है। (ध्यान दें — सहकारी शेयर बाज़ार में ट्रेड नहीं होते।)
अधिकृत और पेड-अप कैपिटल में फर्क? — अधिकृत = ऊपरी सीमा; चुकता = वास्तव में चुकाई गई राशि। इश्यूड कैपिटल क्या है? — सदस्यों को जारी किए गए शेयरों का मूल्य। सदस्य की शेयर कैपिटल कैसे निकालें? — फेस वैल्यू × धारित शेयरों की संख्या।
जुड़े शब्द: शेयर · फेस वैल्यू · ऑथराइज़्ड कैपिटल · इश्यूड कैपिटल · पेड-अप कैपिटल · शेयर सर्टिफिकेट
इन तीन शब्दों का फर्क साफ़ होते ही शेयर रजिस्टर और बैलेंस शीट दोनों साफ़ हो जाते हैं।
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📘 स्रोत: सक्रिय Knowledge Items (KI-000155/156/157/158/153/163) — Evidence Level A (शैक्षिक)।
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