वाउचर तो बन गया — पर वह "लेजर" में कैसे पहुँचता है, और हर खाते का शेष कैसे बनता है? इसका जवाब है पोस्टिंग। यह लेख लेजर, खाते और पोस्टिंग को आसान भाषा में जोड़ता है।
लेजर वह मुख्य बही है जिसमें समिति के सारे खाते रखे जाते हैं। किसी भी खाते को खोलो — कैश, बैंक, वेतन, या कोई सदस्य — तो उसकी सारी एंट्री और मौजूदा शेष एक साथ दिखता है।
पोस्टिंग का मतलब है — वाउचर/जर्नल की एंट्री को संबंधित खातों में चढ़ाना, ताकि हर खाते में उसके सारे लेन-देन इकट्ठा हों और शेष सही बने।
💡 अच्छी ख़बर — SahakarLekha में पोस्टिंग अपने-आप होती है। आप वाउचर सेव करते हैं, और वह तुरंत सही खातों में चला जाता है।
| सवाल | कहाँ देखें |
|---|---|
| आज क्या-क्या हुआ? | डे बुक |
| इस खाते का शेष कितना है? | लेजर |
⚠️ डे बुक और लेजर एक ही चीज़ नहीं — एक तारीखवार, दूसरा खातावार।
किसी आँकड़े पर शक हो? सीधे उस लेजर खाते को खोलिए — उसकी हर एंट्री और शेष सामने होगा। यही ऑडिट और गड़बड़ी-खोज का पहला कदम है।
पोस्टिंग क्या है? — वाउचर एंट्री को लेजर के खातों में चढ़ाना। क्या मुझे पोस्टिंग खुद करनी होगी? — नहीं; सॉफ्टवेयर में यह अपने-आप होती है। लेजर और डे बुक में फर्क? — लेजर खातावार, डे बुक तारीखवार।
जुड़े शब्द: लेजर · लेजर अकाउंट · पोस्टिंग · डे बुक · खाता
लेजर और पोस्टिंग समझ लेने पर "नंबर कहाँ से आया" का जवाब हमेशा मिल जाता है — जो भरोसेमंद हिसाब की पहचान है।
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📘 स्रोत: सक्रिय Knowledge Items (KI-000079/080/048/086/033) — Evidence Level A (शैक्षिक)।
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