KCC व फसल ऋण लेखांकन: PACS के लिए गाइड

बहुत-सी PACS किसानों को KCC (किसान क्रेडिट कार्ड) के तहत फसल ऋण देती हैं। यह समिति की मुख्य सेवा है — और सही लेखांकन ही इसे टिकाऊ बनाता है। यह लेख KCC ऋण का हिसाब आसान भाषा में देता है।

KCC ऋण: एक संपत्ति बनती है

जब समिति किसान को KCC के तहत राशि देती है, तो नकद/बैंक घटता है पर एक नई संपत्ति बनती है — "किसान से वसूली योग्य ऋण"।

खाता Dr Cr
KCC ऋण (संपत्ति) ₹50,000
बैंक/नकद ₹50,000

💡 स्वीकृत सीमा और असल आहरण अलग होते हैं — रिकॉर्ड हमेशा असल आहरण का बनता है, सीमा का नहीं।

ब्याज व ब्याज-सहायता

⚠️ KCC की दरें, सीमाएँ व अनुदान सरकार/नाबार्ड समय-समय पर बदलते हैं। अपनी समिति पर लागू मौजूदा दर सहकारी विभाग/बैंक से पक्का करें। यह लेख तरीका समझाता है।

वसूली व NPA पर नज़र

बढ़ता NPA समिति की ग्रेडिंग व आगे की उधार-क्षमता गिराता है। (बुनियाद के लिए देखें ऋण व ब्याज लेखांकन।)

एक नज़र में

घटना प्रभाव
KCC ऋण दिया संपत्ति बढ़ी, नकद घटा
ब्याज लगा आय बढ़ी, प्राप्य बढ़ा
किस्त मिली नकद बढ़ा, ऋण/ब्याज घटा
अनुदान मिला अलग आय के रूप में दर्ज

आख़िर में

KCC लेखांकन का मूल — ऋण को संपत्ति मानना, ब्याज को आय, अनुदान अलग, और वसूली/NPA पर कड़ी नज़र। यही समिति को मज़बूत रखता है।

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