खाद की बोरी पर "IFFCO" पढ़कर कई किसान पूछते हैं — यह कोई कंपनी है या कुछ और? असल में IFFCO किसानों की अपनी सहकारी संस्था है। यह लेख आसान भाषा में इसका परिचय देता है।
IFFCO यानी इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइज़र कोऑपरेटिव लिमिटेड (Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited)। इसकी स्थापना 1967 में हुई। यह एक बहु-राज्य सहकारी समिति है, जिसके सदस्य देश भर की हज़ारों सहकारी समितियाँ हैं। मुख्यालय नई दिल्ली में है।
💡 खास बात: IFFCO का मालिक कोई बाहरी निवेशक नहीं, बल्कि सहकारी समितियाँ हैं — यही इसे आम कंपनी से अलग करता है। (फर्क समझें: सहकारी समिति बनाम कंपनी।)
अगर आपकी PACS या कृषि-आदान समिति IFFCO की खाद बेचती है, तो यह खरीद-बिक्री और स्टॉक का सामान्य लेखांकन है — खाद खरीद पर स्टॉक बढ़े, बिक्री पर घटे, और सही खाते में दर्ज हो। (देखें: इन्वेंटरी व स्टॉक प्रबंधन।)
सहकारी होने का सीधा फ़ायदा किसान तक पहुँचता है — भरोसेमंद खाद, वाजिब दाम, और समय पर आपूर्ति। चूँकि मालिक ख़ुद सहकारी समितियाँ हैं, इसलिए मुनाफ़ा बाहरी निवेशकों में बँटने के बजाय सदस्य-समितियों और किसानों की भलाई की ओर लौटता है। यही "सदस्यों के, सदस्यों द्वारा" वाला सहकारी मॉडल IFFCO को किसान-हितैषी और टिकाऊ बनाता है, और इसे एक आम निजी कंपनी से बुनियादी रूप से अलग करता है।
क्या IFFCO एक कंपनी है? — नहीं, यह सहकारी समिति है, जिसके सदस्य दूसरी सहकारी समितियाँ हैं। IFFCO का मालिक कौन है? — देश भर की हज़ारों सहकारी समितियाँ; कोई बाहरी निवेशक नहीं। IFFCO कब बना? — 1967 में। IFFCO क्या बनाता है? — मुख्यतः यूरिया, DAP और अन्य उर्वरक।
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