इस अध्याय के बाद आप: संपत्ति=देनदारी+कैपिटल; क्लोज़िंग स्टॉक की एकल गणना; डबल-काउंट से बचाव; पढ़ना।
एक तिथि पर समिति की स्थिति: एक ओर संपत्तियाँ, दूसरी ओर देनदारियाँ+कैपिटल; दोनों बराबर।
| देनदारी व कैपिटल | ₹ | संपत्ति | ₹ |
|---|---|---|---|
| शेयर कैपिटल | 2,00,000 | नकद व बैंक | 61,000 |
| रिज़र्व फंड | 50,000 | स्टॉक (समापन) | 70,000 |
| नेट प्रॉफ़िट | 41,000 | देनदार | 20,000 |
| लेनदार | 40,000 | गोदाम (शुद्ध) | 3,00,000 |
| बैंक ऋण | 2,00,000 | ||
| कुल | 5,31,000 | कुल | 4,51,000 |
(यह उदाहरण-प्रारूप है; असली संख्याएँ केस-स्टडी अध्याय 28 में मिलती हैं।)
बैलेंस शीट का स्टॉक = व्यापार खाते का क्लोज़िंग स्टॉक = canonical मूल्य। तीनों जगह एक।
⚠️ ऑडिट-फिक्स: जब क्लोज़िंग स्टॉक journal नहीं हुआ तब बैलेंस शीट opening-stock से डबल-काउंट होता था — अब ठीक। समापन-journal समर्पित खाते (5150) में।
गोदाम/उपकरण = मूल लागत − संचित डेप्रिसिएशन (WDV)।
3400-समूह अगर अभी पोस्ट नहीं हुआ तो assetLeaves से बाहर — दोहरी गिनती रोकता है।
कैपिटल+रिज़र्व = सदस्य-फंड की मज़बूती; देनदार/स्टॉक ऊँचा = वसूली/बिक्री पर ध्यान; नकदी = तरलता।
| गलती | बचाव |
|---|---|
| स्टॉक दो जगह गिनना | एक-सूत्र |
| अचल संपत्ति मूल लागत पर | WDV पर |
| लाभ न जोड़ना | कैपिटल-पक्ष में |
"बैलेंस शीट संतुलित; क्लोज़िंग स्टॉक एकल गणना; अचल संपत्ति WDV पर।"
सहकारी बैलेंस शीट फंड-वार; सदस्य-फंड व बाह्य-देनदारी पृथक्।
संपत्ति: नकद 10,000; स्टॉक 15,000; देनदार 5,000 = 30,000। देनदारी+कैपिटल: शेयर कैपिटल 20,000; लेनदार 5,000; लाभ 5,000 = 30,000। संतुलित।
क्लोज़िंग स्टॉक journal न होने पर बैलेंस शीट opening-stock जितना अधिक दिखा। समर्पित खाते में journal के बाद मिला।
प्र. न मिले तो? लाभ/opening/स्टॉक जाँचें। प्र. कब बनाएँ? साल के अंत; जब चाहें तब भी।
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